📢 तवज्जोह फरमाएं 📢
दारुल इफ्ता में सवाल करने वाले हज़रात से गुज़ारिश है कि सवाल भेजने से पहले ग्रुप की डिस्क्रिप्शन में दिए गए दारुल इफ्ता के उसूल ज़रूर पढ़ लें, फिर अपना सवाल करें।
बार-बार समझाने के बावजूद अक्सर लोग अपना पूरा नाम, पता या मुकम्मल तआरुफ़ नहीं लिखते, या सवाल के साथ भेजते ही नहीं। ऐसी सूरत में जवाब देने में दिक्कत पेश आती है, इसलिए कई सवालात का जवाब नहीं दिया जाता।
📖 शरीअत का मसला बहुत नाज़ुक अमानत है। अधूरी मालूमात की बुनियाद पर सही जवाब देना मुश्किल हो जाता है। इसलिए सवाल भेजते वक्त:
✍️ अपना नाम
✍️ मुकम्मल पता
✍️ ज़रूरी तफ़सील
ज़रूर लिखें, ताकि सही और मुतमइन जवाब दिया जा सके।
🌹 याद रखिए!
अदब और उसूल की पाबंदी इल्म में बरकत और सही रहनुमाई का ज़रिया है।
दारुल इफ्ता के उसूल पढ़कर ही सवाल करें।
जज़ाकुमुल्लाहु खैरन 🌸
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